Thursday, 1 May 2008

आई. पी. एल.: सितारा टीमों का लचर प्रदर्शन



आई पी एल २०-२० क्रिकेट में अब तक खेले गए मैचों में सितारा टीमों का प्रदर्शन कमोबेश लचर ही रहा है। यहाँ सितारा टीमों से मेरा मतलब उन टीमों से है जो सितारा खिलाड़ियों से लदी हैं या जिनके प्रोमोतार्स ख़ुद बोलीवुड या उद्योग जगत के सितारा हैं। अभी तक के मैचों के परिणाम के अनुसार शीर्ष चार टीमों में मुम्बई, कलकत्ता, बैंगलोर और हैदराबाद की टीमें शामिल नहीं है। गौर कीजिये ये सचिन, राहुल, सौरव और लक्ष्मण की टीमें है।

सितारा टीमों के साथ सितारा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी कमोबेश फीका ही रहा है। अभी तक के मैचों को देखा जाए तो सिर्फ़ ऐडम गिलक्रिष्ट, वीरेंदर सहवाग और एंड्र्यू सिमोंड्स ही कुछ जलवे दिखा पाये हैं। अपेक्षाकृत ऊँची कीमत पर खरीदे गए रिकी पोंटिंग, ग्राहीम स्मिथ, सौरव, लक्ष्मण, गिब्स, अफरीदी, सनत जयसूर्या इत्यादी कुछ ख़ास नहीं कर पाए है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि आगे भी इन खिलाड़ियों का लचर प्रदर्शन जारी रहेगा परन्तु सितारा खिलाड़ियों की निरंतर असफलता DLF आई पी एल कप का रोमांच कुछ कम कर सकती है।

दूसरी तरफ़ ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के छह सदस्य अपने आखिरी आईपीएल मैच खेल चुके हैं और वे आगामी वेस्ट इंडीज दौरे की तैयारी के लिए प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने के वास्ते स्वदेश लौट रहे हैं।

लौटने वाले खिलाड़ियों में मैथ्यू हेडन, एंड्रयू साइमंड्‍स, माइक हसी, ब्रेट ली, साइमन कैटिच, कप्तान रिकी पोंटिंग और एश्ले नोफ्के शामिल हैं। ये खिलाड़ी हालाँकि लौट रहे हैं लेकिन संन्यास ले चुके ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैग्राथ, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न टूर्नामेंट की रौनक बढ़ाते रहेंगे।

सितारा खिलाड़ियों के फीके प्रदर्शन के बावजूद अभी तक के मैच काफी रोमांचक रहे है। DLF IPL कप ने कई नए खिलाड़ियों को प्रसिद्धी और नई पहचान दी है और यह क्रम जारी रहेगा ऐसा कहा जा सकता है। साथ ही उम्मीद है विवाद (चीयर लीडर्स का डांस , भज्जी का श्रीसंथ को थप्पड़, चीयर लीडर्स का इमरान हाशमी को किस इत्यादी), मैचों में उलट-फेर और अनपेक्षित घटनाएँ होती रहेगी जो आधुनिक समय में किसी भी उत्पाद को बेचने और लोकप्रिय बनाने के लिए जरूरी हैं। आख़िर फटाफट क्रिकेट ही क्रिकेट खेल का भविष्य है।

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