Tuesday, 30 December 2008

पाकिस्तान: आतंकवाद का कारखाना

२६ नवम्बर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में पाकिस्तान के लोग शामिल थे यह बात शीशे की तरह साफ़ है। पकड़ा गया आतंकवादी, सॅटॅलाइट फ़ोन, हमले से पहले की खुफिया सूचनाएं, कसब के माँ-बाप द्वारा कासब को पहचानना इत्यादि ऐसे सबूत हैं जो सारी दुनिया को दिखाई दे रहे हैं लेकिन पाकिस्तान के हुक्मरान ये सच नहीं देख पा रहे हैं, आख़िर क्यों ? क्योंकि पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान के कुछ तत्त्व इस आतंकवादी साजिश में शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना और ISI ने पहले अफगानिस्तान और फिर कश्मीर आजादी के नाम पर पाकिस्तान में आतंकी कारखाने पैदा किए उग्रवादियों को पाला-पोसा.

ऐसा मानने कि कोई वजह नहीं है कि पाकिस्तान की नागरीक सरकार इन मुंबई हमलों के षडयंत्र में शामिल हैं लेकिन पाकिस्तान में बहुत कुछ सरकार के नियंत्रण में नहीं है। सेना और आई एस आई को मनमर्जी की पुरानी आदत है। सेना को सत्ता पर सीधे नियंत्रण की आदत है और वो बहुत दिनों तक प्रष्ठभूमि में नहीं रह सकती. अभी तक अमेरिका अपने हितों की खातिर कभी पाकिस्तान को शाह देता रहा है तो कभी पाकिस्तानी सैनिक तंत्र और आतंकी गुटों की भारत के खिलाफ कारगुजारियों को नजरंदाज करता रहा है। लेकिन अब हालात बदल गए हैं, पाकिस्तानी आतंकी गुट और तालिबान अमेरिका को भी नुकसान पहुँचा रहे है। पाकिस्तान की कथनी और करनी में फर्क अमेरिका को भी नज़र आ गया है और इसीलिए अमेरिका ने जनरल मुशर्रफ़ से पल्ला झाड़ लिया।

आज पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार है और मुंबई हमलों के चलते पैदा हुए चौतरफा दबाब से चुनी हुई सरकार के पास मौका है की वो पाकिस्तान में लोकतान्त्रिक संस्थाओं को मजबूत करे। सेना के पारंपरिक दखल और भ्रष्टाचार के चलते पाकिस्तान में लोकतान्त्रिक संस्थाएं हमेशा कमजोर रही हैं। मुंबई हमलों और उससे उपजे वैश्विक दबाब ने पाकिस्तान की चुनी हुई सरकार को मौका दिया है की वो सेना की दखलंदाजी कम कर उसकी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाए। इसके लिए उसे ISI के पर कतरने होंगें और पाकिस्तान में चलने वाले आतंकी कैम्पों को भी नष्ट करना होगा।

अगर पाकिस्तान इस समय अपने यहाँ से आतंकी गुटों का सफाया और सत्ता तंत्र में सैनिक हस्तक्षेप में लगाम लगाने में असफल रहता है तो यह भविष्य में पाकिस्तान के लिए नुकसानदेह साबित होगा। पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने है और दुनिया की बर्दाश्त करने की सीमा टूटने के कगार पर है। अब निर्णय की घड़ी है, बेहतर होगा पाकिस्तान ख़ुद आतंक के कारखाने बंद करे, नहीं तो यह काम भारत या दुनिया के अन्य देशों को करना होगा और वो पाकिस्तान के लिए बहुत दुखदायी होगा।


Sunday, 1 June 2008

राजस्थान ने जीता DLF IPL कप

पहले DLF IPL कप के फाइनल में राजस्थान ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर खिताब पर कब्जा किया। एक बेहद रोमांचक फाइनल मैच में चेन्नई सुपर किंग्स पर 3 विकेट से जीत दर्ज करते हुए इंडियन प्रीमियर लीग कप जीत लिया।

इस फाइनल मैच के हीरो रहे युसूफ पठन जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाया और अपनी टीम को जितने में अहम् रोल अदा किया। पठान ने पहले गेंदबाजी में कमाल दिखाया और केवल 22 रन देकर चेन्नई सुपर किंग्स के चोटी के तीन विकेट लिए। बल्लेबाजी में पठान ने ५६ रन बनाये और चार छक्के उडाए । हालांकि पठान को दो जीवनदान भी मिले जब १३ रन पर सुरेश रैना और ३३ रन पर गोनी ने उनका कैच छोड़ दिया। अपने इस प्रदर्शन की वजह से 'मैन ऑफ द मैच' के अलावा सर्वाधिक छक्के लगाने का पुरस्कार भी यूसुफ पठान ने जीता।
मैच का फ़ैसला आखिरी गेंद पर हुआ जब तनवीर ने अंतिम गेंद पर विजयी रन बनाकर रॉयल्स का स्कोर सात विकेट पर 164 रन पहुँचाया। आईपीएल की बोली में सबसे कम कीमत पर बिकी राजस्थान रॉयल्स को शेन वार्न ने अजेय बना दिया। जब टीम को जीत मिली, तब वे एक छोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे।

दोनों सेमीफाइनल एकतरफा रहे थे लेकिन फाइनल में दर्शकों को असली मजा दिया। मैच उतार-चढ़ाव से भरा रहा लेकिन कहना होगा कि भाग्य पूरी तरह से रॉयल्स के साथ क्योंकि एक समय उसका स्कोर तीन विकेट पर 43 रन था, जिसके बाद पठान और शेन वॉटसन ने 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और अपनी टीम को संकट से उभारा।

Thursday, 1 May 2008

आई. पी. एल.: सितारा टीमों का लचर प्रदर्शन



आई पी एल २०-२० क्रिकेट में अब तक खेले गए मैचों में सितारा टीमों का प्रदर्शन कमोबेश लचर ही रहा है। यहाँ सितारा टीमों से मेरा मतलब उन टीमों से है जो सितारा खिलाड़ियों से लदी हैं या जिनके प्रोमोतार्स ख़ुद बोलीवुड या उद्योग जगत के सितारा हैं। अभी तक के मैचों के परिणाम के अनुसार शीर्ष चार टीमों में मुम्बई, कलकत्ता, बैंगलोर और हैदराबाद की टीमें शामिल नहीं है। गौर कीजिये ये सचिन, राहुल, सौरव और लक्ष्मण की टीमें है।

सितारा टीमों के साथ सितारा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी कमोबेश फीका ही रहा है। अभी तक के मैचों को देखा जाए तो सिर्फ़ ऐडम गिलक्रिष्ट, वीरेंदर सहवाग और एंड्र्यू सिमोंड्स ही कुछ जलवे दिखा पाये हैं। अपेक्षाकृत ऊँची कीमत पर खरीदे गए रिकी पोंटिंग, ग्राहीम स्मिथ, सौरव, लक्ष्मण, गिब्स, अफरीदी, सनत जयसूर्या इत्यादी कुछ ख़ास नहीं कर पाए है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि आगे भी इन खिलाड़ियों का लचर प्रदर्शन जारी रहेगा परन्तु सितारा खिलाड़ियों की निरंतर असफलता DLF आई पी एल कप का रोमांच कुछ कम कर सकती है।

दूसरी तरफ़ ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के छह सदस्य अपने आखिरी आईपीएल मैच खेल चुके हैं और वे आगामी वेस्ट इंडीज दौरे की तैयारी के लिए प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने के वास्ते स्वदेश लौट रहे हैं।

लौटने वाले खिलाड़ियों में मैथ्यू हेडन, एंड्रयू साइमंड्‍स, माइक हसी, ब्रेट ली, साइमन कैटिच, कप्तान रिकी पोंटिंग और एश्ले नोफ्के शामिल हैं। ये खिलाड़ी हालाँकि लौट रहे हैं लेकिन संन्यास ले चुके ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैग्राथ, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न टूर्नामेंट की रौनक बढ़ाते रहेंगे।

सितारा खिलाड़ियों के फीके प्रदर्शन के बावजूद अभी तक के मैच काफी रोमांचक रहे है। DLF IPL कप ने कई नए खिलाड़ियों को प्रसिद्धी और नई पहचान दी है और यह क्रम जारी रहेगा ऐसा कहा जा सकता है। साथ ही उम्मीद है विवाद (चीयर लीडर्स का डांस , भज्जी का श्रीसंथ को थप्पड़, चीयर लीडर्स का इमरान हाशमी को किस इत्यादी), मैचों में उलट-फेर और अनपेक्षित घटनाएँ होती रहेगी जो आधुनिक समय में किसी भी उत्पाद को बेचने और लोकप्रिय बनाने के लिए जरूरी हैं। आख़िर फटाफट क्रिकेट ही क्रिकेट खेल का भविष्य है।

Friday, 25 April 2008

साइप्रस करेगा पानी का आयात

कभी सुना है कोई देश पानी का आयात कर रहा है? जी हाँ पानी का आयात. साइप्रस आजकल पानी का आयात कर रहा है। अगर आप नहीं जानते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की साइप्रस भूमध्य सागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप देश है। साइप्रस पूर्वी भूमध्य सागर में तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है। यंहा पानी का मुख्य स्रोत वर्षा और हिमपात है। सभी भूमध्य सागर तटीय देशों की तरह यहां पर बारीश सर्दियों में होती है। पिछले ३-४ सालों में साइप्रस में बारीश काफी कम हुई है और परिणाम स्वरूप यहाँ के जलस्रोत सूख गए हैं। यह ख़बर लिखे जाने के समय साइप्रस के जलाशयों में पानी की मात्रा उसकी कुल भण्डार क्षमता की ९ प्रतिशत ही रह गई है।

पानी की कमी को देखते हुए साइप्रस सरकार ने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को की जाने वाली पानी की आपूर्ति में मार्च माह से भारी कटौती शुरू कर दी है। अब घरों को पानी की आपूर्ति दो दिनों में सिर्फ़ बारह घंटे ही की जाती है।
इस गंभीर जल संकट से निपटने के लिए साइप्रस ने इस वर्ष अपने पड़ौसी देश यूनान (ग्रीस) से ८ मिलियन घन मीटर पानी का आयात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने एक स्थानीय जहाज कंपनी से समझौता किया है जो समुद्री टैंकरों से ग्रीस से पानी साइप्रस लाएगी।

साइप्रस सरकार इसके अलावा समुद्री पानी को शुद्ध करने के संयंत्र लगाने पर भी विचार कर रही है। साइप्रस में पहले से लरनाका में ऐसा एक संयंत्र है और दूसरा संयंत्र लिमासोल में लगाया जाएगा। पानी के आयात की यह ख़बर थोड़ी अटपटी भले ही लगे पर यह बदलते समय, मौसम और बढ़ती वैश्विक गर्मी (ग्लोबल वार्मिंग) को रेखांकित करती है और आगाह करती है हमें प्रकर्ति का सम्मान करने को और पानी बचाने को।

Sunday, 13 April 2008

तकदीर का धनी धोनी


लगता है महेंद्र सिंह धोनी किस्मत का काफ़ी धनी है। पिछले कुछ महीनों में धोनी के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम ने कई उल्लेखनीय सफलताएं पाई हैं। सबसे पहले २०-२० वर्ल्ड कप में जीत, फिर बरसों बाद ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एक दिवसीय मैचों में ऑस्ट्रेलिया पर जीत और अब अपनी कप्तानी में खेले गए पहले ही टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका जैसी दमदार टीम पर जीत।

कानपूर में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को ८ विकेट से हराकर सीरीज बराबर कर दी। इसके साथ एक ही साल में भारतीय उपमहाद्वीप की तीनों टीमों को हराने के दक्षिण अफ्रीका के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया।

इस सीरीज में विरेन्द्र सहवाग ने अपने कैरियर का दूसरा और अब तक का सबसे तेज़ तिहरा शतक लगाया। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन कर दिखाया कि दादा में अभी दमख़म बाकी है। भज्जी ने शानदार गेंदबाजी कर सीरीज में १९ विकेट झटके और मैन ऑफ़ द सीरीज बने।

Sunday, 2 March 2008

भारतीय क्रिकेट का एक सुनहरा दिन

२ मार्च २००८ का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए एक यादगार दिन बन गया. एक तरफ़ इस दिन भारत ने आस्ट्रेलिया में विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया को हराया वहीं दूसरी तरफ़ भारतीय जूनियर टीम ने अंडर-१९ का विश्व कप जीता.
इस दिन भारत ने आस्ट्रेलिया में खेली जा रही सीबी सिरीज का पहला फाइनल 6 विकेट से जीत लिया । भारत ने जीत के लिए जरूरी २४० रन महज ४५.५ ओवर में ४ विकेट पर २४२ रन बनाकर हासिल कर लिए। इस जीत के नायक रहे मॉस्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंडुलकर जिन्होनें मात्र १२० गेंदों पर ११७ रण बनाये और अंत तक आउट नहीं हुए । उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर ODI मैचों में अपना पहला और अपने कैरियर का ४२ वां शतक ठोका। इसके साथ सचिन पिछले १३ महीने से वन डे में चल रहे नर्वस नाइंटी के मिथक से भी बाहर निकल आए।

सचिन को ४१ से ४२ शतक का सफर तय करने में १३ माह लंबा समय लगा। इस दौरान वे छह बार शतक के करीब जाकर नर्वस नाइंटी के शिकार बने।

अंडर-१९ का विश्वकप:

आज ही के दिन दूसरी तरफ़ मलयेशिया कुआलालंपुर में भारतीय टीम ने दूसरी बार अंडर-१९ का विश्वकप जीत कर इतिहास बनाया. इस तरह २ मार्च २००८ भारतीय खेल जगत के लिए सुपर संडे साबित हुआ.

भारत ने आज यहां खेले गए वर्षा से बाधित एक रोचक फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को १२ रन से मात दी। अफ्रीका को जीत के लिए २५ ओवरों में ११६ रनों का लक्ष्य मिला था। लेकिन वह ८ विकेट खोकर सिर्फ १०३ रन ही बना सकी।

हालांकि भारत के 160 रनों के सामान्य लक्ष्य के सामने अफ्रीका की टीम कभी भी सहज नहीं नजर आई। उसने अपने तीन विकेट महज 11 रन और 7.4 ओवरों में ही खो दिए थे। वर्षा आ जाने के कारण जब फिर से खेल प्रारंभ हुआ तो अफ्रीका की राह और मुश्किल हो गई। उसे 25 ओवरों 116 रनों का लक्ष्य मिला।

Bhartiya kriket ka ek sunehara दिन

दंभी विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को क्रिकेट का पाठ पढ़ाते हुए भारत ने सीबी सिरीज का पहला फाइनल 6 विकेट से जीत लिया है। भारत ने जीत के लिए जरूरी 240 रन महज 45.5 ओवर में 4 विकेट प 242 रन बनाकर हासिल कर लिए। इस जीत के नायक मॉस्टर ब्लॉस्टर सचिन तेंडुलकर रहे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती में पहला और अपने कैरियर का 42 वां शतक ठोका। इसके साथ सचिन पिछले 13 महीने से वन डे में चल रहे नर्वस नाइंटी के मिथक से भी बाहर निकल आए। सचिन निर्विवाद रूप से मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थे,उन्हें ही प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
सचिन ने अपने 19 साल लंबे कैरियर की संभवत: सबसे यादगार पारियों में से एक खेलते हुए भारत को जीत के मुहाने पर पहुंचाया। यह उनके कैरियर का 42 वां शतक है। लेकिन उन्हें 41 से 42 का सफर तय करने में 13 माह लंबा समय लगा। इस दौरान वे छह बार शतक के करीब जाकर नर्वस नाइंटी के शिकार बने। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट शतक(100*) वेस्टइंडीज के खिलाफ 31 जनवरी 2007 को बनाया था।
भारत ने रोहित शर्मा ने अपने वन डे कैरियर की सबसे यादगार पारी खेलते हुए 66 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने शतकवीर सचिन के साथ 123 रनों की निर्णायक भागीदारी निभाई। सचिन ने एक अर्से बाद अपना शतक पूरा किया।