साल २००७ बीतने को है और हम २००८ की दहलीज पर खड़े है। हर वर्ष की तरह २००७ में भी अच्छी-बुरी घटनाएँ हुई। आइये २००७ की महत्वपूर्ण घटनाओं पर एक नज़र दौड़ातें हैं।
राजनीति:
केन्द्र में मनमोहन सिंह की सरकार का एक और साल पूरा। अमेरिका के साथ नाभीकीय करार को लेकर सरकार और वामपंथियों के बीच लम्बी खींचतान चली और एक समय सरकार के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। बाद में शायद नंदीग्राम की घटनाओं ने वामपंथियों को अपने तेवर ढीले करने पर मजबूर किया और इस समय सरकार और नाभीकीय समझौता दोनों ख़तरे से बाहर हैं।
जिन्ना पर दिए गए अपने वक्तव्य कि वजह से हाशिये पर धकेल दिए गए लाल कृष्ण आडवानी पुन: बीजेपी की राजनीती के केन्द्र में आ गए और बीजेपी ने उन्हें पार्टी का प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मेदवार घोषित किया।
खेल-जगत:
२००७ भारतीय खेल-जगत के लिए काफी सुखद रहा। सबसे बड़ी घटना रही २०-२० क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत। धोनी के नेतृत्व में भारतीय युवा टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पहला २०-२० वर्ल्ड कप भारत के नाम किया।
भारत ने द कोरिया को ७-२ से हराकर हॉकी का एशिया कप जीता। विश्वनाथ आनंद मेक्सिको में आयोजित विश्व शतरंज प्रतियोगिता जीतकर शतरंज के नए विश्व चैम्पियन बने।
व्यापर एवं शेयर बाज़ार:
अर्थव्यवस्था की मजबूती जारी और आत्म-विश्वास से भरपूर भारतीय कम्पनियों ने विदेशों में कुछ बडे अधिग्रहण किये। कड़ी प्रतिस्पर्धा के सामने टाटा ने कोरस और मित्तल ने आर्सेलर का अधिग्रहण किया तो भारतीय प्रबंधकों ने भी विश्वस्तर पर अपने झंडे गाड़ने में सफलता प्राप्त की। विक्रम पंडित का सीटी बैंक ग्रुप का सीईओ बनना और पद्मश्री वारियर द्वारा सिस्को का सीटीओ पद संभालना भारतीय प्रबंधकों के बढ़ते कद को दर्शाता है।
यह वर्ष भारतीय शेयर बाजार को बुलंदियों तक पहुँचने के लिए याद रखा जाएगा। इस वर्ष जिस तेजी से बाजार ने तरक्की की उससे विदेशी निवेशक तो खुश है ही साथ ही आम लोगों का रुझान भी इस ओर बढ़ा है। 31 दिसंबर 2006 को जो सेंसेक्स 13787 अंक था, तेजड़ियों ने उसे 2007 में 20000 का आंकडा पार कर दिया। निफ्टी भी इस वर्ष 6000 को पार कर गया।
सिनेमा:
वर्ष २००७ कुल मिलकर बाँलीवुड के लिए काफी अच्छा रहा। चक दे इंडिया, भागम-भाग, पार्टनर,धमाल, ओम शांति ओम, सांवरिया जैसी चर्चित फिल्में रिलीज हुई और सफल रही। शाहरुख़ का सितारा अभी भी बुलंद है और अक्षय कुमार ने 2007 में एक के बाद एक चार सफल फिल्में दीं। इस साल दीपिका पादुकोण , सोनम और रणबीर कपूर ने बाँलीवुड में अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत की और लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
Saturday, 22 December 2007
Sunday, 16 December 2007
पहला एशियन आइडल हादी मिर्ज़ा
पहले एशियन आइडल जिसका इंडोनेशिया में आयोजन किया गया, में ६ देशों के आइडल विजेता प्रतिभागियों ने भाग लिया ! यह ६ देश हैं भारत, सिंगापुर, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम। १५-१६ दिसम्बर को आयोजित इस प्रतियोगिता में सिंगापुर के हादी मिर्ज़ा को विजयी घोषित किया गया। हादी को पुरस्कार में एक अंतर्राष्ट्रीय रेकॉर्डिंग कोन्ट्रक्ट और अन्य अंतर्राष्ट्रीय आइडल शो देखने का अवसर मिलेगा. भारत की तरफ से इसमे अभिजीत सावंत ने भाग लिया। अभिजीत इंडियन आइडल-१ के विजेता थे. अभिजीत के मनोनयन पर इंडियन आइडल-२ के विजेता संदीप आचार्य ने ऐतराज जताया था।
हर प्रतियोगी ने कार्यक्रम में दो गाने गए, एक अंग्रेजी में और एक अपनी मातृभाषा में। विजेता का चुनाव निर्णायक अंकों और दर्शकों के मतों के आधार पर किया गया। हर दर्शक को sms द्वारा दो प्रतियोगियों को चुनना था जिससे निर्णय देशभक्ति से प्रभावित न हो।
हर प्रतियोगी ने कार्यक्रम में दो गाने गए, एक अंग्रेजी में और एक अपनी मातृभाषा में। विजेता का चुनाव निर्णायक अंकों और दर्शकों के मतों के आधार पर किया गया। हर दर्शक को sms द्वारा दो प्रतियोगियों को चुनना था जिससे निर्णय देशभक्ति से प्रभावित न हो।
Saturday, 17 November 2007
जिस राह से गुजरें तू!
जिस राह से गुजरे तू, उसपर ऐसे पद चिह्न छोड़ दें !
सफर बनें आसान, राही को उसकी मंजिल दिखला दें!!
सफर बनें आसान, राही को उसकी मंजिल दिखला दें!!
जिस बाधा से निपटें तू, उसका ऐसा भेद खोल दें !
बाधा बन जाये सुविधा, सब के किये उसे खेल बना दें!
जिस पथ पर कांटे चुभे तुझे, उस पथ पर ऐसे फूल खिला दें!
महक उठे पथ, कोमल क़दमों को शीतल अहसास करा दें!जिस दिक्कत से तेरा सामना हो, उसका ऐसा हल ढूंढ दें!
प्रश्न को मिले उत्तर, कठिनाई को अवसर बना दें!!
Saturday, 22 September 2007
भारत २०-२० क्रिकेट के फ़ाइनल में
भारत ने एक रोमांचक मुक़ाबले में खिताब की दावेदार माने जाने वाली टीम आस्ट्रेलिया को हराकर पहले २०-२० क्रिकेट विश्व-कप के फ़ाइनल में प्रवेश किया। भारत की युवा टीम ने पुरे जोशों-खरोश के साथ बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनो में उम्दा प्रदर्शन किया और फ़ाइनल में जगह बनाईं। आज एकबार फिर युवराज सिंह ने आतिशिबाजी पारी खेली और केवल ३० गेंदों में ७० रन बनाए। युवराज को उनके इस प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ़ द मैच का पुरुस्कार दिया गया.
भारात की पारी की शुरुआत काफी धीमी रही लेकिन युवराज ने मैदान में उतरते ही चौके-छक्कों की बारिश कर दी। भारत मे पहले खेलते हुए २० ओवरों में कुल १८८ रन बनाए लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम अन्तिम ओवरों में लडखडा गयी और २० ओवरों में १७३ रन ही बाना सकी। श्रीसंत, भज्जी और आर पी सिंह ने अच्छी गेंदबाजी की.
भारात की पारी की शुरुआत काफी धीमी रही लेकिन युवराज ने मैदान में उतरते ही चौके-छक्कों की बारिश कर दी। भारत मे पहले खेलते हुए २० ओवरों में कुल १८८ रन बनाए लेकिन ऑस्ट्रेलिया की टीम अन्तिम ओवरों में लडखडा गयी और २० ओवरों में १७३ रन ही बाना सकी। श्रीसंत, भज्जी और आर पी सिंह ने अच्छी गेंदबाजी की.
Thursday, 28 June 2007
कहता हूँ मैं खरी-खरी
कहूँगा मैं खरी-खरी
ना इसकी ना उसकी
ना मेरी ना तेरी
ना इसकी ना उसकी
ना मेरी ना तेरी
होगी बात पत्ते कि,
सबके भले की
सच सामने लाने की
आज श्रीगणेश है
लंबी यात्रा का
आपका स्नेह और साथ चाहिए
-- ताराचंद
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