Wednesday, 2 June 2010

प्यार की कहानी चाहिए...

आज कुछ पुराने पन्ने पलटते हुई कवी गोपालदास नीरज की कुछ रचनाएं सामने आ गयी। मैंने एक पढ़ी , फिर दूसरी पढ़ी, फिर तीसरी .... मैं पढता गया। कभी मन हल्का हुआ, कभी भारी हुआ, कभी सोचने लगा, कभी विचारने लगा। कवी नीरज की हर रचना दिल छू लेती है। उनकी कविताओं में जीवन है, प्यार है, महक है, प्रेरणा है। इसी प्यार और महक को बांटने के लिए यहाँ प्रस्तुत है उनकी एक रचना।

आदमी को आदमी बनाने के लिए
जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए!
और कहने के लिए कहानी प्यार की
स्याही नहीं, आँखों वाला पानी चाहिए।

जो भी कुछ लुटा रहे हो तुम यहाँ,
वो ही बस तुम्हारे साथ जाएगा,
जो छुपाके रखा है तिजोरी में,
वो तो धन न कोई काम आएगा,

सोने का ये रंग छूट जाना है, हर किसी का संग छूट जाना है
आखिरी सफर के इंतजाम के लिए, जेब भी कफन में इक लगानी चाहिए।
आदमी को आदमी बनाने के लिए, जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए!

रागिनी है एक प्यार की, जिंदगी कि जिसका नाम है
गाके गर कटे तो है सुबह, रोके गर कटे तो शाम है !
शब्द और ज्ञान व्यर्थ है, पूजा-पाठ ध्यान व्यर्थ है!
आंसुओं को गीतों में बदलने के लिए, लौ किसी यार से लगानी चाहिए!
आदमी को आदमी बनाने के लिए, जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए!

जो दु:खों में मुस्कुरा ,वो तो इक गुलाब बन गया!
दूसरों के हक में जो मिटा, प्यार की किताब बन गया,
आग और अँगारा भूल ,जा तेग और दुधारा भूल जा
दर्द को मशाल में बदलने के लिए, अपनी सब जवानी खुद जलानी चाहिए।
आदमी को आदमी बनाने के लिए, जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए!

दर्द गर किसी का तेरे पास है, वो खुदा तेरे बहुत करीब है!
प्यार का जो रस नहीं है आँखों में, कैसा हो अमीर तू गरीब है!
खाता और बही तो रे बहाना है, चैक और सही तो रे बहाना है!
सच्ची साख मंडी में कमाने के लिए, दिल की कोई हुंडी भी भुनानी चाहिए।
आदमी को आदमी बनाने के लिए, जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए!