Thursday, 28 June 2007

कहता हूँ मैं खरी-खरी

कहूँगा मैं खरी-खरी
ना इसकी ना उसकी
ना मेरी ना तेरी

होगी बात पत्ते कि,
सबके भले की
सच सामने लाने की


आज श्रीगणेश है

लंबी यात्रा का

आपका स्नेह और साथ चाहिए

-- ताराचंद




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